पक्की रसोई का अर्थ
[ pekki resoe ]
पक्की रसोई उदाहरण वाक्य
परिभाषा
संज्ञा- तेल या घी में पकाया हुआ खाद्य:"त्योहारों में मालपुआ, पूरी आदि तरह-तरह के पकवान बनते हैं"
पर्याय: पकवान, पक्वान, पक्का खाना, पक्की-रसोई, व्यंजन, ब्यंजन, संपन्न, सम्पन्न, तीवन
उदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- पक्की रसोई के बाद दूध का पेय दिया
- एक ब्राह्मण दूसरे के यहाँ पक्की रसोई खाता है।
- बायीं ओर छोटी पर पक्की रसोई थी।
- जिस रसोई में तेल-घी की प्रधानता हो उसे पक्की रसोई कहते हैं।
- जिस रसोई में तेल-घी की प्रधानता हो उसे पक्की रसोई कहते हैं।
- कच्ची रसोई को रसोईघर में बैठकर भी खाया जाता है जबकि पक्की रसोई कहीं भी खाई जा सकती है।
- कच्ची रसोई को रसोईघर में बैठकर भी खाया जाता है जबकि पक्की रसोई कहीं भी खाई जा सकती है।
- पक्की रसोई में पूड़ी , कचौड़ी , पपरिया , खाजे , तिरकारी , मालपुआ , लडुआ , मोहनभोग , खीर , खुरमी- खुरमा , पुआ , पूरी , चटनी आदि पकवान होते थे।
- कच्ची रसोईं ( अभी भी गाँवों में तली हुई पूड़ियाँ यानी पक्की रसोई तो एक पिछड़े के घर में खाई जा सकती है, लेकिन चावल दाल रोटी जिसे कच्ची रसोईं कहते हैं खाने की परम्परा नहीं है)
- ज़बान और ज़ुबान दोनो जीभ के अलावा भाषा के लिये भी प्रयोग किये जाते है जैसे ज़बानदराज़ी याने मुँहज़ोरी तथा ज़बानदान याने भाषाज्ञाता ( पृ 351 थिसारस-अरविन्द कुमार ) बाकि कच्ची व पक्की रसोई का भेद अभी भी ऊ.प ् र.